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बलरामपुर के झारखंडी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना, चोरी, छिनैती या संदिग्ध गतिविधि की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। देश के कई रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी बेहतर हो सके।
झारखंडी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पूरे स्टेशन परिसर में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इससे यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
अगर स्टेशन पर कोई चोरी, झपटमारी, महिला उत्पीड़न या कोई अन्य अप्रिय घटना होती है, तो उसके साक्ष्य जुटाना और आरोपियों की पहचान करना कठिन हो सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञ भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था को आवश्यक मानते हैं।
“रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी घटना की तुरंत जांच हो सके।”
हम इस समय झारखंडी रेलवे स्टेशन पर मौजूद हैं। यहां सुरक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टेशन पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह मानवीय निगरानी पर निर्भर है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है।
अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर सुरक्षा मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और झारखंडी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक निगरानी व्यवस्था कब तक स्थापित की जाती है।
रिपोर्टर: मोहम्मद तौकीर फ़रीदी,
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